by शशि धर कुमार | Dec 30, 2022 | Place, Literature, Book Review, Article, Hindi, Society
विस्तृत यात्रा वृतांत पढ़ने का मेरा यह पहला अनुभव है जो अंग्रेजी में लिखे “Footloose in the Himalaya” का हिंदी अनुवाद “एटकिन का हिमालय” के नाम से हृदयेश जोशी जी ने अनुवादित किया है। हृदयेश जोशी जी के बारे मेरी समझ सिर्फ इतनी है कि एक सुलझे हुए...
by शशि धर कुमार | Dec 23, 2022 | Literature, Book Review, Hindi
मुझे इस किताब के बारे में तब पता चला जब मैं तथ्यपरक साहित्य, इतिहास या भाषा से संबंधित तथ्यों के अन्वेषण में लगा हुआ था अचानक किताब की कवर फ़ोटो के साथ साथ नाम ने चौका दिया और कही कही मुझे इस किताब की एक दो पन्ने कई बार लोग शेयर करते है पढ़ने मिला तो मैं काफी उत्साहित...
by शशि धर कुमार | Aug 15, 2022 | Article, Society
आजादी का अमृत महोत्सवआज १५ अगस्त को देश का हर नागरिक अपनी अपनी देशभक्ति प्रदर्शित करना चाहता है। हर किसी के सोशल मीडिया के प्रोफाइल को देखकर ऐसा लगता है जैसे अगर आज अँगरेज़ होते तो सोशल मीडिया के वीर उन्हें कुछ ही मिनटों में देश से बाहर भगा देते। आज देश आजादी का ७५वां...
by शशि धर कुमार | Aug 2, 2022 | Article, Hindi, Society, Web Series
आज किसी भी महापुरुषों की जयंती धूमधाम से मनाते देखता हूँ तो यकीन मानिये मुझे अंदर से एक बात हमेशा कचोटती है की ये जो कार्यकर्त्ता है जो काफी जोश में होते है ऐसी जयंती समारोहों को मनाते वक़्त वे वाकई में उन महापुरुषों के बारे में कुछ जानते भी है कुछ पढ़ा भी है या यूं ही...
by शशि धर कुमार | Mar 4, 2022 | Article, Hindi, Literature
4 मार्च 1921 में बिहार के अररिया जिले में फारबिसगंज के पास औराही हिंगना गांव में जन्मे श्री फणीश्वर नाथ रेणु जी मैला आँचल, परती परिकथा, दीर्घतपा, कितने चौराहे, कलंक मुक्ति, ठुमरी, अग्निखोर समेत अनेक साहित्यिक ग्रंथों की रचना करने वाले रेणु जी...