by शशि धर कुमार | May 31, 2026 | Book Review, Hindi, Society
पटना डायरी-स्मृतियों, साहित्य और शहर की धड़कनों का दस्तावेज़ दिल्ली पुस्तक मेला २०२६ का पहला दिन मेरे लिए कई अर्थों में विशेष था। उसी दिन वाणी प्रकाशन के मंच पर मेरा कविता पाठ निर्धारित था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मैंने सोचा कि कुछ पुस्तकें खरीद ली जाएँ, क्योंकि...
by शशि धर कुमार | May 5, 2026 | Article, Hindi, Society
लोकसंस्कृति और साहित्य साधना के योगी – डॉ. बीरेन्द्र कुमार ‘चन्द्रसखी’ भारतीय लोकसंस्कृति की परंपरा केवल गीतों और उत्सवों तक सीमित नहीं है; यह हमारी सामूहिक स्मृति, भाषा, समाज और संवेदनाओं का जीवंत इतिहास है। इस विरासत को शब्द, शोध और सांगीतिक चेतना के माध्यम से...