एशियन गेम्स 2026: भारत के 85 पदकों के पीछे की ऐतिहासिक कहानी

एशियन गेम्स 2026: भारत के 85 पदकों के पीछे की ऐतिहासिक कहानी एशियन गेम्स 2026 अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है। जापान के आइची-नागोया में हुए इन खेलों में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। पदकों की संख्या 2022 के हांगझोउ...

पटना डायरी : स्मृतियों, साहित्य और शहर की धड़कनों का दस्तावेज़

पटना डायरी-स्मृतियों, साहित्य और शहर की धड़कनों का दस्तावेज़ दिल्ली पुस्तक मेला २०२६ का पहला दिन मेरे लिए कई अर्थों में विशेष था। उसी दिन वाणी प्रकाशन के मंच पर मेरा कविता पाठ निर्धारित था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मैंने सोचा कि कुछ पुस्तकें खरीद ली जाएँ, क्योंकि...

लोकसंस्कृति और साहित्य साधना के योगी – डॉ. बीरेन्द्र कुमार ‘चन्द्रसखी’

लोकसंस्कृति और साहित्य साधना के योगी – डॉ. बीरेन्द्र कुमार ‘चन्द्रसखी’ भारतीय लोकसंस्कृति की परंपरा केवल गीतों और उत्सवों तक सीमित नहीं है; यह हमारी सामूहिक स्मृति, भाषा, समाज और संवेदनाओं का जीवंत इतिहास है। इस विरासत को शब्द, शोध और सांगीतिक चेतना के माध्यम से...

फणीश्वर नाथ रेणु : ग्रामीण यथार्थ का राष्ट्रीय स्वर

फणीश्वर नाथ रेणु : ग्रामीण यथार्थ का राष्ट्रीय स्वर हिंदी साहित्य के इतिहास में जब भी ग्रामीण भारत की सजीव, धड़कती और बहुआयामी तस्वीर की चर्चा होगी, तब फणीश्वर नाथ रेणु का नाम अग्रणी रूप से लिया जाएगा। उन्होंने न केवल गाँव को साहित्य का विषय बनाया, बल्कि उसे राष्ट्रीय...

वीरेंद्र यादव : शब्दों के विवेकशील प्रहरी को श्रद्धांजलि

“वीरेंद्र यादव”शीर्षक: वीरेंद्र यादव : शब्दों के विवेकशील प्रहरी को श्रद्धांजलि वरिष्ठ आलोचक वीरेंद्र यादव का देहावसान हिंदी साहित्य जगत के लिए एक गहरी क्षति है। वे केवल आलोचक नहीं थे, बल्कि साहित्य की आत्मा के सजग पहरेदार थे—ऐसे विवेकशील पाठक, जिन्होंने...