गोपालदास ‘नीरज’: हिंदी और उर्दू शायरी

“गोपालदास ‘नीरज’: हिंदी और उर्दू शायरी” गोपालदास सक्सेना ‘नीरज’ हिंदी साहित्य और शायरी के एक ऐसे विलक्षण रचनाकार थे जिन्होंने अपनी लेखनी से हिंदी और उर्दू भाषा के बीच एक ऐसा अद्वितीय संगम स्थापित किया जो आज भी साहित्यिक जगत में अनुपम उदाहरण माना जाता है।...

Katihar – कटिहार

कटिहार अक्टूबर महीना म अस्तित्व म पचास साल पहले अइले छेलै, मतलब दु अक्टूबर के पचासवाँ स्थापना दिवस मनैलके। कटिहार र साहित्य, संस्कृति आरू इतिहास बहुते समृद्ध छै लेकिन आइज-काल र युवा को ई सब से कोई मतलब नै छै। ओकरा सीनी के खाली मोबाइल में यूट्यूब वीडियो आरू सोशल मीडिया...

हिंदी पखवाड़ा

हिंदी पखवाड़ा सरकारी तौर पर १५ दिन का कार्यक्रम होता है जो लगभग हर सरकारी संस्थानों में मनाया जाता है। इसमें हर संस्थान अपने-अपने यहाँ हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए साल भर के कामों का लेखा-जोखा रखता है या यूँ कहे कि वे यह कहते है कि हमने इतना काम हिंदी में किया जैसे कि...

हिंदी दिवस

आजकल (१४ – २८ सितंबर) सरकारी तौर पर हर सरकारी संस्थान में हिंदी विभाग हिंदी पखवाड़ा मनाता है। इसी क्रम में १४ सितंबर हिंदी दिवस के अवसर पर एक सरकारी कार्यक्रम में पश्चिम दिल्ली जाना हुआ और इस कार्यक्रम का संचालन करने वाली संस्था जिनमें ज्यादातर हिंदी भाषी लोग है...

सांगीत के विविध आयाम

डॉ बीरेंद्र कुमार ‘चन्द्रसखी’ के किताब “सांगीत के विविध आयाम” के षष्टम अध्याय में लेखक द्वारा “नारी व पुरुष सामाजिक परिवेश में” स्त्री पुरुष के स्थिति पर काफी पैनी नज़र से इस विषय पर अपनी बात रखी है और जितना आप लेखक को पढ़ते है उतना...