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एकलव्य…डॉ महेश मधुकर

एकलव्य…डॉ महेश मधुकर

रुहेलखंड क्षेत्र के प्रतिष्ठित कवियों में से एक डॉ महेश मधुकर जी की इस काव्यात्मक प्रस्तुति को मुझे डॉ बीरेंद्र जी ने सुझाया तब मैंने पूछा कि मुझे किताब कैसे मिलेगी तो उन्होंने डॉ महेश जी का नंबर भेजकर कहा बात करो वे पुस्तक भेज देंगे और नंबर मिलते ही जब मैंने…

एटकिन का हिमालय

एटकिन का हिमालय

विस्तृत यात्रा वृतांत पढ़ने का मेरा यह पहला अनुभव है जो अंग्रेजी में लिखे “Footloose in the Himalaya” का हिंदी अनुवाद “एटकिन का हिमालय” के नाम से हृदयेश जोशी जी ने अनुवादित किया है। हृदयेश जोशी जी के बारे मेरी समझ सिर्फ इतनी है कि एक सुलझे हुए पत्रकार जो वातावरण से…

कौन है भारत माता?

कौन है भारत माता?

मुझे इस किताब के बारे में तब पता चला जब मैं तथ्यपरक साहित्य, इतिहास या भाषा से संबंधित तथ्यों के अन्वेषण में लगा हुआ था अचानक किताब की कवर फ़ोटो के साथ साथ नाम ने चौका दिया और कही कही मुझे इस किताब की एक दो पन्ने कई बार लोग शेयर करते है पढ़ने मिला तो मैं काफी…

आजादी का अमृत महोत्सव

आजादी का अमृत महोत्सव

आजादी का अमृत महोत्सव आज १५ अगस्त को देश का हर नागरिक अपनी अपनी देशभक्ति प्रदर्शित करना चाहता है। हर किसी के सोशल मीडिया के प्रोफाइल को देखकर ऐसा लगता है जैसे अगर आज अँगरेज़ होते तो सोशल मीडिया के वीर उन्हें कुछ ही मिनटों में देश से बाहर भगा देते। आज देश आजादी का ७५वां…

Jayanti [Movie]

Jayanti [Movie]

आज किसी भी महापुरुषों की जयंती धूमधाम से मनाते देखता हूँ तो यकीन मानिये मुझे अंदर से एक बात हमेशा कचोटती है की ये जो कार्यकर्त्ता है जो काफी जोश में होते है ऐसी जयंती समारोहों को मनाते वक़्त वे वाकई में उन महापुरुषों के बारे में कुछ जानते भी है कुछ पढ़ा भी है या यूं ही…

फणीश्वर नाथ रेणु

फणीश्वर नाथ रेणु

4 मार्च 1921 में बिहार के अररिया जिले में फारबिसगंज के पास औराही हिंगना गांव में जन्मे श्री फणीश्वर नाथ रेणु जी मैला आँचल, परती परिकथा, दीर्घतपा, कितने चौराहे, कलंक मुक्ति, ठुमरी, अग्निखोर समेत अनेक साहित्यिक ग्रंथों की रचना करने वाले रेणु जी को ‘मैला-आंचल’ उपन्यास से काफी मान-सम्मान मिला..