कोशी के वटवृक्ष

कोशी के वटवृक्ष

यह किताब मैंने 2022 के पूर्वाध में मंगाई थी लेकिन एक चैप्टर बाद यह रह गयी थी तो मैने सोचा कि साल के शुरुआत में ही इसको पढ़ लिया जाय। यह कहानी सुपौल जिले के उन बुजुर्गों की है जिनका 2008 के कोशी के बाढ़ में सब कुछ छीन गया। पुष्यमित्र जी लिखित यह किताब…

एकलव्य…डॉ महेश मधुकर

एकलव्य…डॉ महेश मधुकर

रुहेलखंड क्षेत्र के प्रतिष्ठित कवियों में से एक डॉ महेश मधुकर जी की इस काव्यात्मक प्रस्तुति को मुझे डॉ बीरेंद्र जी ने सुझाया तब मैंने पूछा कि मुझे किताब कैसे मिलेगी तो उन्होंने डॉ महेश जी का नंबर भेजकर कहा बात करो वे पुस्तक भेज देंगे और नंबर मिलते ही जब मैंने…

एटकिन का हिमालय

एटकिन का हिमालय

विस्तृत यात्रा वृतांत पढ़ने का मेरा यह पहला अनुभव है जो अंग्रेजी में लिखे “Footloose in the Himalaya” का हिंदी अनुवाद “एटकिन का हिमालय” के नाम से हृदयेश जोशी जी ने अनुवादित किया है। हृदयेश जोशी जी के बारे मेरी समझ सिर्फ इतनी है कि एक सुलझे हुए पत्रकार जो वातावरण से…

कौन है भारत माता?

कौन है भारत माता?

मुझे इस किताब के बारे में तब पता चला जब मैं तथ्यपरक साहित्य, इतिहास या भाषा से संबंधित तथ्यों के अन्वेषण में लगा हुआ था अचानक किताब की कवर फ़ोटो के साथ साथ नाम ने चौका दिया और कही कही मुझे इस किताब की एक दो पन्ने कई बार लोग शेयर करते है पढ़ने मिला तो मैं काफी…

फणीश्वर नाथ रेणु

फणीश्वर नाथ रेणु

4 मार्च 1921 में बिहार के अररिया जिले में फारबिसगंज के पास औराही हिंगना गांव में जन्मे श्री फणीश्वर नाथ रेणु जी मैला आँचल, परती परिकथा, दीर्घतपा, कितने चौराहे, कलंक मुक्ति, ठुमरी, अग्निखोर समेत अनेक साहित्यिक ग्रंथों की रचना करने वाले रेणु जी को ‘मैला-आंचल’ उपन्यास से काफी मान-सम्मान मिला..

Kaithi – A Introduction

Kaithi – A Introduction

कैथी एक लिपि है जिसको मगही, भोजपुरी और मैथिलि में भी लिखी जा सकती है। कैथी एक ऐसी लिपि है जो चन्द्रगुप्त काल से अंग्रेज के जमाने तक एक लोकप्रिय लिपि रही। समय के साथ इसको अलग अलग क्षेत्रीय भाषाओ में लिखने के तरीके ईजाद किये गए। चूँकि इसकी लोकप्रियता बिहार में ज्यादा...