अपना ही अक्स
साझा कविता संकलन
इस पुस्तक को बॉलीवुड एक्टर, यशपाल शर्मा जी व राकेश श्रीवास्तव जी का भी आशीष प्राप्त हुआ है। चाहें डिजिटल रूप में हों या धरातलीय ज्ञान के रूप में, सभी को शांति से सरोबार करना ही इनकी पुस्तकों का लक्ष्य होता है। ऐसी ही आंतरिक शांति का अनुभव इस पुस्तक के द्वारा भी प्राप्त होता है। 166 रचनाकारों की रचनाएँ इस पुस्तक में शामिल की गई हैं। इस पुस्तक का विचार यश यादव जी ने दिया है, जिन्होंने पुस्तकों के माध्यम से सभी लेखकों को जोड़ने की दिशा में यह कदम उठाया। इस पुस्तक का संपादक बनकर नेहा ने कहा कि – ‘पुस्तक छपकर जब हाथ में आती है तो हम अक्सर पढ़ने का मोह नहीं त्याग पाते हैं। मेरा विश्वास है कि इस पुस्तक को पढ़ने का मोह भी आप नहीं त्याग पाएँगे।
“अपना ही अक्स” साझा संकलन में मुझे अपनी कविता भेजने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिसमें मेरी दो कवितायें प्रकाशित हुई है।

























