अक्स

अपना ही अक्स

साझा कविता संकलन

इस पुस्तक को बॉलीवुड एक्टर, यशपाल शर्मा जी व राकेश श्रीवास्तव जी का भी आशीष प्राप्त हुआ है। चाहें डिजिटल रूप में हों या धरातलीय ज्ञान के रूप में, सभी को शांति से सरोबार करना ही इनकी पुस्तकों का लक्ष्य होता है। ऐसी ही आंतरिक शांति का अनुभव इस पुस्तक के द्वारा भी प्राप्त होता है। 166 रचनाकारों की रचनाएँ इस पुस्तक में शामिल की गई हैं। इस पुस्तक का विचार यश यादव जी ने दिया है, जिन्होंने पुस्तकों के माध्यम से सभी लेखकों को जोड़ने की दिशा में यह कदम उठाया। इस पुस्तक का संपादक बनकर नेहा ने कहा कि – ‘पुस्तक छपकर जब हाथ में आती है तो हम अक्सर पढ़ने का मोह नहीं त्याग पाते हैं। मेरा विश्वास है कि इस पुस्तक को पढ़ने का मोह भी आप नहीं त्याग पाएँगे।

“अपना ही अक्स” साझा संकलन में मुझे अपनी कविता भेजने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिसमें मेरी दो कवितायें प्रकाशित हुई है।

प्रकाशित रचनाएँ

रजनीगन्धा

रजनीगन्धा

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१२० सर्वश्रेष्ठ कवितायें

१२० सर्वश्रेष्ठ

कवितायें भाग-३

चंद्रयान

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चाँद के पार चलो

हिंदी से हम

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एक भाषा, एक संवाद

Nav Uday September 2023

नव उदय

हिन्दी मासिक सितम्बर २०२३

Guiding Light

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An Inspiration of Life

शब्दों का शिखर

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साझा कविता संकलन

मैं दीपक हूँ

मैं दीपक हूँ

साझा कविता संकलन

नारी पूज्या या भोग्या

नारी पूज्या या भोग्या

साझा कविता संकलन

रूह तक

रूह तक

साझा कविता संकलन

प्रकाशन समूह

सभी प्रकाशन समूहों का बहुत बहुत आभार और धन्यवाद ! उन्होंने मुझ जैसे नवोदित लेखक को अपने साहित्यिक कृतियों में जगह दी।

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