रजनीगन्धा
कविता संकलन (प्रान्ति इंडिया पुरस्कार २०२५)
मैं इस कविता संग्रह के माध्यम से अपनी भावुकता, समाज के प्रति संदेश और जीवन के प्रति मेरी व्यक्तिगत जिज्ञासा को दर्शाता है। यह कविताएं आम जीवन, प्रेम, स्वतंत्रता, समाजशास्त्र, प्रकृति, भारतीय संस्कृति और मानवीयता की विविधताओं के बारे में मेरे व्यक्तिगत अनुभवों को प्रकट करती हैं। मेरा मकसद आपकी भावनाओं को स्पष्ट करना है और ‘रजनीगन्धा’ आपके आंतरिक सफर के साथ एक संवाद बनाने की कोशिश भर है, जहाँ आप मेरी कविताओं में खुद को पहचान पाएंगे।
मेरी कविताओं की एक महत्वपूर्ण विशेषता उनकी सरलता है। मैंने इसे ऐसे संजोया है कि पाठकों द्वारा आसानी से इसे समझा जा सकें और उनके अपने जीवन के अनुछुए पहलुओं को स्पर्श कर सके। मैंने अपनी शब्दावली और रचना के साथ यह सुनिश्चित किया है कि मेरी कविताएं आपकी भावनाओं को स्पर्श करें और आपके दिल की गहराई में उतरकर अपने शब्दों से आपके जीवन में अमिट प्रभाव छोड़े।
मैं आशा करता हूँ कि यह संग्रह आपके जीवन में रंग, प्रेरणा और जीवन के प्रति सकारात्मकता लाएगा। आपकी प्रतिक्रियाएँ और सराहना मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं और मेरे लिए सृजनात्मक अभिप्रेरणा होंगी। मेरी यात्रा के इस अद्वितीय संग्रह को आपके साथ साझा करने के लिए मैं आपका हृदय से आभारी हूँ।
पाठक वाणी
प्रकाशित रचनाएँ
प्रकाशन समूह
सभी प्रकाशन समूहों का बहुत बहुत आभार और धन्यवाद ! उन्होंने मुझ जैसे नवोदित लेखक को अपने साहित्यिक कृतियों में जगह दी।
*प्रदर्शित सभी लोगो (logos) केवल उदाहरणात्मक उद्देश्यों के लिए हैं और सभी का स्वामित्व उनके संबंधित ब्रांड/कंपनी/साहित्यिक संगठनों के पास है।






























